Monday, March 8, 2010

नारी जगत का अभिनन्दन और बधाई !


विश्व महिला दिवस के अवसर पर

समस्त नारी जगत का अभिनन्दन और बधाई !

साथ ही नारी जगत का सम्मान और संरक्षण करने वाले

समस्त पुरुष समाज के प्रति हार्दिक कृतज्ञता.......


पुरुष ने नारी को सदैव सम्मान , स्नेह और सुरक्षा का

वातावरण दे कर नारी को पूज्या बताया है मैं मन से आभारी हूँ




___________
अभी ज़रा शूटिंग में व्यस्त हूँ मित्रो !

आप कृपया देखिये मेरा काम star plus पर रोज़ाना रात को

10 बजे और शाम 6 बजे " सबकी लाडली बेबो" में..........














रुचिप्रिया

11 comments:

RaniVishal said...

Aapko bhi Shubhkamnaae!
Happy Women's Day !!

HARI SHARMA said...

महिला दिवस पर आपका भी अभिनन्दन
http://hariprasadsharma.blogspot.com/2009/09/blog-post_2067.html

Mithilesh dubey said...

रुचि जी आपको महिला दिवस की हार्दिक बधाई , आप बढ़िया लिखती हैं , निरन्तरता बनायें रखिए ।

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

सुभाष नीरव said...

रुचि जी, आपको भी बधाई। अपनी व्यस्तता में से समय निकाल कर आप ब्लॉगिंग कर रही हैं, यह सुखद है। आप इसी प्रकार लिखती रहें और हिंदी के अच्छे ब्लॉग्स को भी देखती-पढ़ती रहें।
सुभाष नीरव
www.setusahitya.blogspot.com
www.kathapunjabi.blogspot.com
www.srijanyatra.blogspot.com

RAJNISH PARIHAR said...

रुचि जी आपको महिला दिवस की हार्दिक बधाई ...

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

नरेन्द्र निर्मल said...

मां की ममता, मां का दुलार,
मां से मिलता, बच्चों को प्यार।
मां की क्षमता आंचल का प्यार,
जिससे बनता सारा संसार॥
मां की शक्ति अलग अनोखी,
जो उसके ममता में है होती।
नौ महीने की कोख में लेकर,
हर दुख को हंसकर सह लेती॥
मां देवी का एक अवतार,
जो पाले सारा संसार।
बच्चें जो मां की सेवा करें,
हरा-भरा हो उनका द्घरबार॥
पर मां को जिसने ममी कहां,
समझो जीते जी दपफना वो दिया,
मदर का अर्थ मां होती है,
ममी वो जो ताबूत में सोती है॥
मदर्स डे पर कसम ये लेलो,
मां को हर वक्त मां ही बोलो,
पिफर देखो क्या एहसास जगेगा,
मां की ममता का प्यास बुझेगी।
तुम्हारा जीवन सपफल हो जाएगा,
बिना गुरु के ज्ञान प्राप्त हो जाएगा।

shama said...

Anek shubhkamnayen!

कौशल तिवारी 'मयूख' said...

नई आज़ादी पर बधाई

Amit K Sagar said...

इस शुरुआत पर तमाम शुभकामनाएं.
जारी रहें.

[उल्टा तीर]

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